JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

शुक्रवार, 31 मार्च 2023

ठोकरें नज़रिया बदल देती हैं

ठोकरें नज़रिया बदल देती हैं,
 जीने का जरिया बदल देती हैं।
 बड़ी-बड़ी किताबें भी, 
 सिखा न सकीं जो सबक,
 ठोकरें पल में सिखाकर,
 ज़िंदगी का रुख बदल देती हैं।

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