JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

गुरुवार, 2 मार्च 2023

आपके दो लफ्ज़ किसी का हौंसला बढ़ा सकते हैं। यही हबीब और रकीब बना सकते हैं। दो लफ्ज़ मुहब्बत के बोलने में कंजूसी कैसी?-2 ये लफ्ज़ बिगड़ी हुई हर बात बना सकते हैं।

आपके दो लफ्ज़ किसी का हौंसला बढ़ा सकते हैं।
 यही हबीब और रकीब बना सकते हैं।
 दो लफ्ज़ मुहब्बत के बोलने में कंजूसी कैसी?-2
 ये लफ्ज़ बिगड़ी हुई हर बात बना सकते हैं।
 

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