JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

शुक्रवार, 10 मार्च 2023

कुछ लोग शायरी की वजह बनकर आते हैं।कुछ जाते हुए खुद शायरी बनकर जाते हैं।कुछ लोग अपनी शख्सियत से दिल में घर कर जाते हैं।कुछ अपनी फितरत से,दिल से उतर जाते हैं।सोच-ओ-फितरत तो बदलकर देखो-2हर नज़र में फिर आप नजर आते हैं।

 कुछ लोग शायरी की वजह बनकर आते हैं।

कुछ जाते हुए खुद शायरी बनकर जाते हैं।

कुछ लोग अपनी शख्सियत से दिल में घर कर जाते हैं।

कुछ अपनी फितरत से,दिल से उतर जाते हैं।

सोच-ओ-फितरत तो बदलकर देखो-2

हर नज़र में फिर आप नजर आते हैं।

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