मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
सोमवार, 6 मार्च 2023
खुद को समझने में जिंदगी गुज़र गई,गिरकर संभलने में जिंदगी ठहर गई।अंधेरों में उजालों को ढूंढ़ता रहा उम्र भर-2इस कोशिश में, रौशनी बिखर गई।
खुद को समझने में जिंदगी गुज़र गई,
गिरकर संभलने में जिंदगी ठहर गई।
अंधेरों में उजालों को ढूंढ़ता रहा उम्र भर-2
इस कोशिश में, रौशनी बिखर गई।
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