मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
सोमवार, 6 मार्च 2023
जाने वाले ने मुड़कर मुझे देखा तक नहीं,क्या हम भी महज आंसू भर थे?जो उनकी आंखों में ठहर भी न सके।
जाने वाले ने मुड़कर मुझे देखा तक नहीं,क्या हम भी महज आंसू भर थे?जो उनकी आंखों में ठहर भी न सके।
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