JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

सोमवार, 6 मार्च 2023

आपका तहे दिल से शुक्रिया।सही राह दिखाने के लिए,आपका दिल से शुक्रिया।बहुत गुमां था हमें दोस्त!,अपने लफ्जों पर।लफ्ज़- ए - मायने समझाने के लिए,आपका दिल से शुक्रिया।किसी का वक्त, किसी और का नहीं होता।यह सही बात बताने के लिए,आपका दिल से शुक्रिया।गैरज़रूरी भी बहुत कुछ रहता है,हमारी बातों में।आईना मुझको दिखाने के लिए,आपका दिल से शुक्रिया।

मुझको, मुझसे मिलवाने के लिए,
आपका तहे दिल से शुक्रिया।
सही राह दिखाने के लिए,
आपका दिल से शुक्रिया।
बहुत गुमां था हमें दोस्त!,
अपने लफ्जों पर।
लफ्ज़- ए - मायने समझाने के लिए,
आपका दिल से शुक्रिया।
किसी का वक्त, किसी और का नहीं होता।
यह सही बात बताने के लिए,
आपका दिल से शुक्रिया।
गैरज़रूरी भी बहुत कुछ रहता है,
हमारी बातों में।
आईना मुझको दिखाने के लिए,
आपका दिल से शुक्रिया।

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