JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

शनिवार, 11 मार्च 2023

झोंके भी हवा के मुझे जीने नहीं देते।सीखा बड़ी मुश्किल से, ग़म-ए-दौर में जीना।माज़ी के ज़ख्म क्यों मुझे जीने नहीं देते।Date : 12/03/2023*ग़म-ए-दौर : दुखद समय *माज़ी : बीता हुआ समय............Surendra Kumar...........

झोंके भी हवा के मुझे जीने नहीं देते।
सीखा बड़ी मुश्किल से, ग़म-ए-दौर में जीना।
माज़ी के ज़ख्म क्यों मुझे जीने नहीं देते।

Date : 12/03/2023

*ग़म-ए-दौर : दुखद समय 
*माज़ी : बीता हुआ समय
............Surendra Kumar...........

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