मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
बुधवार, 29 मार्च 2023
हम सभी का दिल से, एहतराम करते हैं।किसी को सलाम, किसी को राम राम कहते हैं।मगर भूलते नही कभी, अपनी खुद्दारी को।अपनी अपनी खुद्दारी को जिंदा रखकर ही, हर काम करते हैं।
हम सभी का दिल से, एहतराम करते हैं।
किसी को सलाम, किसी को राम राम कहते हैं।
मगर भूलते नही कभी, अपनी खुद्दारी को।
अपनी अपनी खुद्दारी को जिंदा रखकर ही,
हर काम करते है।
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