JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

सोमवार, 27 मार्च 2023

नज़रिया और नज़र बदलना आसां नहीं होता।आदमी की फितरत बदलना आसां नहीं होता।देखने वाले आँखों से नहीं,अपनी सोच से दुनिया देखते हैं।उनकी सोच बदलना आसां नहीं होता।

नज़रिया और नज़र बदलना आसां नहीं होता।
आदमी की फितरत बदलना आसां नहीं होता।
देखने वाले आँखों से नहीं,
अपनी सोच से दुनिया देखते हैं।
उनकी सोच बदलना आसां नहीं होता।

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