मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
मंगलवार, 7 मार्च 2023
चराग़ जलते ही हर तरफ, रौशनी ही रौशनी बिखर जाती है।उनके आने की ख़बर सुनकर, फ़जा़ भी संदल सी महक जाती है।• संदल : चंदन फ़जा़: वातावरण .......... Surendra Kumar...........
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