कोई न कोई ऐसा ज़िंदगी में,
ज़रूर होना चाहिए।
जिसके चेहरे,लफ्ज़, हँसी से,
उदास दिल में भी सुरूर होना चाहिए।
ज़िंदगी में ग़म के दौर हैं, तो खुशियाँ भी तो हैं।
खुशियों का मकां बाहर नहीं दिल में हैं,
मगर इसका पता आपको हुज़ूर होना चाहिए।
...........Surendra Kumar...............
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