JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

बुधवार, 22 मार्च 2023

अपनी खुद्दारी को ख़ुद से भी बड़ा समझो।अपनी रुसवाई को, न छोटी ख़ता समझो।ख़ुद से ज्यादा आपको जो याद रखता हो।सिर्फ उसको हमनशी और हमनवां समझो।

अपनी खुद्दारी को ख़ुद से भी बड़ा समझो।
अपनी रुसवाई को, न छोटी ख़ता समझो।
ख़ुद से ज्यादा आपको जो याद रखता हो।
सिर्फ उसको हमनशी और हमनवां समझो।

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