JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

गुरुवार, 23 मार्च 2023

जो गुज़र गए, वे कभी लौटकर नहीं आने वाले।ये रास्ते हैं,आखिरी सफ़र को जाने वाले।किसी सामान या शोहरत की ज़रूरत नहीं तुझे।ख़ाली हाथ ही चल देते हैं,इस ओर को जाने वाले।लूटा कभी, छीना कभी, अब साथ क्या ले जाएगा?सबकुछ आपस में बांट लेंगे, तेरे चाहने वाले।दौलत से नहीं,लोगों से मुहब्बत कर, अरे नादान!वरना कल तुझे भुला देंगे,आज तेरी दौलत पे झुकने वाले।

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