मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
शनिवार, 11 मार्च 2023
चराग जलते ही अंधेरे सिमट जाते हैं।
चराग जलते ही अंधेरे सिमट जाते हैं।
हौसलों के आगे मुकद्दर भी पलट जाते हैं।
हौंसला तोड़ने वालों की फिक्र मत कर ऐ दोस्त!
वक्त बदलते ही, ये लोग भी बदल जाते हैं।
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