JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

शुक्रवार, 10 मार्च 2023

कुछ लोग शायरी की वजह बनकर आते हैं।कुछ जाते हुए खुद शायरी बनकर जाते हैं।कुछ लोग अपनी शख्सियत से दिल में घर कर जाते हैं।कुछ अपनी फितरत से,दिल से उतर जाते हैं।ज़माना चढ़ते सूरज को सलाम करता है।शाम ढलते ही चराग रौशन और ज़माने भर केदरवाज़े सूरज चढ़ने तक बंद हो जाते हैं।

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