मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
रविवार, 25 जून 2023
मंज़िल ज़रूर मिलेगी,तुम चलो तो सही!बहारें सहरा में भी ज़रूर मिलेंगी,तुम चलो तो सही!तोड़ेगा कोई हौंसला, उड़ाएगा कोई हँसी।खुद पर भरोसा रख, सुबह ज़रूर मिलेगी,तुम चलो तो सही!भूलकर आज के ग़म,बस बढ़ता चल!मुस्कुराहट जीत की,तुम्हारे चेहरे पर,ज़रूर खिलेगी।तुम चलो तो सही!
गुरुवार, 15 जून 2023
जिनको बढ़ना है वो, कांटों में भी चल जाते हैं।इरादे मजबूत हों तो, हालात बदल जाते हैं।यूं तो कहने को यहां,रिश्ते हजारों हैं मगर।वक्त पड़ने पे लोग,बच के निकल जाते हैं।
मंगलवार, 13 जून 2023
जिसे देखो,मतलब परस्ती में जी रहा है।और कोई ऐसा भी है जो, भूलकर अपने ग़मों को,ज़ख्म औरों के सी रहा है।कहाँ गया रूठकर जाने वाले, वापस आ जा!कोई अब तक तेरे इंतज़ार में जी रहा है।
रविवार, 11 जून 2023
लोग और दुनिया को खुश रखने की कोशिश में,न जाने कितने लोग नाखुश होकर दुनिया से चले गए।कुछ को ज़माने ने अपनी सोच से तबाह कर दिया। और कुछ, अपनो से ही छले गए।
शनिवार, 10 जून 2023
अपने हिस्से की खुशी,अपने होठों की हँसी,चलो, औरों के नाम करते हैं।बिना किसी ख्वाहिश के दोस्तों!अपना हर दिन ख़ुदा के नाम करते हैं।कोई अपना हो या हो बेगाना।हम तो सबको सलाम करते हैं।
गुरुवार, 1 जून 2023
अंधेरों में रहने वाले,उजालों की अहमियत क्या समझेंगे?दूसरों के ग़मों पर हँसने वाले,दूसरों के आंसुओं की कीमत क्या समझेंगे?
नई पोस्ट
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)