मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
शनिवार, 25 फ़रवरी 2023
है आफताब हमसे :नहीं जलता किसी को जलाने के लिए।मैं तो जलता हूं सारे ज़माने के लिए।इसलिए मेरी चमक सदियों से बरकरार है,क्योंकि मुझे खुद से भी ज्यादा,सारे जहां से प्यार है। *आफताब : सूर्य
है आफताब हमसे :
नहीं जलता किसी को जलाने के लिए।
मैं तो जलता हूं सारे ज़माने के लिए।
इसलिए मेरी चमक सदियों से बरकरार है,
क्योंकि मुझे खुद से भी ज्यादा,
सारे जहां से प्यार है।
*आफताब : सूर्य
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