JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

सोमवार, 13 फ़रवरी 2023

राहों में काँटे बिछा लो चाहे जितने। इरादे मजबूत हो तो शूल भी फूल बन जाते हैं।

राहों में काँटे बिछा लो चाहे जितने।
 इरादे मजबूत हो तो शूल भी फूल बन जाते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें