JAGJIT SINGH
- GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
लोग क्या सोचेंगे इसकी चिंता उतनी ही कीजिए जिससे आपकी जिंदगी में खलल न पड़े। क्योंकि लोग आपके हिसाब से नहीं अपने हिसाब से सोचते हैं।लोगों के हिसाब से जिंदगी जीने की कोशिश में हम अपना हिसाब भी भूल जाते हैं। अपने दिल से पूछिए। अगर आपको लगता है कि आप सही हैं तो किसी को साबित करने की जरूरत नहीं है। बस अपना काम करते रहिए। वक्त खुद हर सवाल का जवाब दे देता है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें