हमारे पास जो है दुनिया को हम वही देते हैं। बदले में दुनिया से वापस भी वही मिलता है जो हमने दिया था।
हमारे पास जो है दुनिया को हम वही देते हैं।
बदले में दुनिया से वापस भी वही मिलता है जो हमने दिया था। यही प्रकृति का न्याय है। लेकिन विडंबना यह है कि मनुष्य देता कुछ और है पाने की उम्मीद कुछ और करता है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें