मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
सोमवार, 20 फ़रवरी 2023
रूठने वाले तो अपने ही हुआ करते हैं।तू खुशनसीब है, जो तुझसे कोई रूठा है।
रूठने वाले तो अपने ही हुआ करते हैं।तू खुशनसीब है, जो तुझसे कोई रूठा है।
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