JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

रविवार, 5 फ़रवरी 2023

चांद पागल है जाने क्या ढूंढ़े...

चांद पागल है, जाने क्या ढूंढ़े?
 सहर होते ही, तेरा अक्स भी मिट जाएगा।

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