मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
सोमवार, 27 फ़रवरी 2023
माना कि वजूद चिराग़ का,औरों के लिए होता है।मगर फिर भी जलने में, कुछ दर्द तो उसे होता है।
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