मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
रविवार, 19 फ़रवरी 2023
मतलबी दुनिया में....
मतलबी दुनिया में, मतलब परस्ती भी शर्मिंदा है।
इंसानियत तोड़ रही दम, सिर्फ इंसान ज़िंदा है।
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