मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
रविवार, 9 अप्रैल 2023
पत्ते दरख़्त पर नहीं टिकते सूख जाने के बाद।
रिश्ते बहुत मुश्किल से जुड़ते हैं,टूट जाने के बाद।
ज़िंदगी बिना सपनों के कट सकती है,
बिना अपनों के नहीं।
साथ अपनों का नहीं मिलता,
छूट जाने के बाद।
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