JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

बुधवार, 26 अप्रैल 2023

खुद को तलाशते रहे दुनिया में,और तलाश खुद ही पर खत्म हुई।ज़िंदगी भर तरसते रहे,जिंदगी के लिए।अब मिली है तो,लगभग खत्म हुई।खरीदने निकले थे, दौलत से हर खुशी।ज़रा सी खुशी भी हासिल न कर सके, सारी दौलत से,मगर इस तलाश में,खुशियाँ भी, दौलत भी, और ज़िंदगी भी ख़त्म हुईं।

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