सोचा था नहीं जाऊंगा,
मगर जाना पड़ा।
जो हो गया था उसको,
भुलाना पड़ा।
वो चल रहा था साथ,
मगर दिल से दूर था।
दिल के करीब,
फिर से उसे लाना पड़ा।
उसकी ख़ामोशी नस्तर सी चुभ रही थी।
शायद वो कुछ बोले,मुझे पुकारना पड़ा।
उसकी आँखों से आंसू सा बह रहा था मैं।
कहीं ख़त्म न हो जाऊं मैं,
उसे चुप कराना पड़ा।
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