JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

रविवार, 2 अप्रैल 2023

बोलने वालों को बोलने दीजिए,काम अपना करते जाइए।नजरंदाज करके राहों के काँटे,अपनी मंज़िल की ओर बढ़ते जाइए।हँसने वालों का काम ही है हँसना,उनके हँसने पर न जाइए।कुछ लोग हँसकर ही हमारा हौसला बढ़ाते हैं,आप भी हँसिए और आगे बढ़ते जाइए।जो ख़ुद कुछ कर न सके,वे क्या औरों की राह में फूल बिखराएंगे?काम उनका करने दीजिए उनको,आप बस मकसद में अपने लग जाइए।

बोलने वालों को बोलने दीजिए,
काम अपना करते जाइए।
नजरंदाज करके राहों के काँटे,
अपनी मंज़िल की ओर बढ़ते जाइए।
हँसने वालों का काम ही है हँसना,
उनके हँसने पर न जाइए।
कुछ लोग हँसकर ही हमारा हौसला बढ़ाते हैं,
आप भी हँसिए और आगे बढ़ते जाइए।
जो ख़ुद कुछ कर न सके,
वे क्या औरों की राह में फूल बिखराएंगे?
काम उनका करने दीजिए उनको,
आप बस मकसद में अपने लग जाइए

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