मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
मंगलवार, 4 अप्रैल 2023
सूरज का आना और जाना तय है।
ग़म के बाद मुस्कुराना तय है।
अंधेरे से घबरा मत ए दोस्त!
सुबह का आना तय है।
ज़माने की बातों पे न जा,
इसकी तो आदत है बोलना,
सिर्फ़ अपने मकसद पे लग जा,
तेरा वक्त भी आना तय है।
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