मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
रविवार, 23 अप्रैल 2023
खुशी में औरों की खुश रहना, किसी इबादत से कम नहीं होता। औरों की मुस्कुराहट ही जिसे लगे अपनी सी, फिर उसे कोई ग़म नहीं होता। दिल में गर बसेरा सुकूं का हो जाए तो, थोड़ा सा सुख भी किसी ख़ज़ाने से कम नहीं होता।
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