JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

बुधवार, 12 अप्रैल 2023

जो दे सकते हो,दुनिया को देते चलो।कुछ नहीं तो कम से कम दुआएं ही लेते चलो।हमे चाह नहीं कि, दौलत से भरा हो मेरा दामन।दो बोल मुहब्बत के मिल जाएं, उन्हें संजोते चलो।कोई समझे हमे पागल,या नासमझ समझें।खुशी लुटा ,ग़मों को साथ- साथ लेके चलो।

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