JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

गुरुवार, 6 अप्रैल 2023

दिल के सुकून के लिए...

कुछ काम शोहरत नहीं, दिल के सुकूं के लिए होते हैं।
जिसको समेटना हो समेटे दौलत।
हम तो अपने नहीं, औरों के लिए सपने संजोते हैं।

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