JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

बुधवार, 5 अप्रैल 2023

नफरत से जीत सकते हो सिर्फ दुनिया, 
 किसी का दिल नहीं।
 
 नफरती आँखों के आंसुओं में,
  होता कोई शामिल नहीं।
  
  खुद को कुछ भी समझे,
  दौलत ए गुमां में जीने वाला।
अंजाम- ए- ज़िंदगी उसे,
 होता कुछ भी हासिल नहीं।

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