मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
शुक्रवार, 21 अप्रैल 2023
नहीं चाहता कि बदले में मुझे कुछ मिले।
बस थोड़ी सी कोशिश है मेरी,
हर चेहरा फूल सा खिले।
यही दुआ है हमेशा ऊपर वाले से,
कभी किसी से भी न हों, शिकवे या गिले।
दामन इतना तो भरना मेरा भी ए ख़ुदा!,
औरों के कुछ तो काम आए,
जो भी सौगात ज़िंदगी में तुझसे मिले।
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