मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
मंगलवार, 11 अप्रैल 2023
चलो अब से बिना मतलब जिया जाए।अपने लिए बहुत किया,अब कुछ औरों के लिए किया जाए।जल-जल के राख बहुत हो लिए,लोगों की खुशियों से।अब चरागों सा जलकर, दूसरों के अंधेरों को रौशन किया जाए।
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