JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

रविवार, 7 मई 2023

लोगों की खातिर अपनी खुशियाँ लुटा दीजिए।बेशक आँखो में आंसू हो आपकी,मगर जितना हो सके,लोगों को बस खुशियाँ ही खुशियाँ दीजिए।हों ज़िंदगी मे आपकी, चाहे जितने भी वीराने,जिदंगी औरो की, ए दोस्त!, गुलिस्तां बना दीजिए

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