आपका वजूद ही, आपकी पहचान है।
इस वजूद से ही दुनिया में तेरा नाम है।
अगर वजूद ही नही,फिर क्या रह जाएगा?
खोकर वजूद ज़माने भर की ठोकरें खाएगा।
यहाँ जिसे भी देखो,
अपने वजूद के लिए ही तो लड़ रहा है।
गर खुद से न हो सका तो,
दूसरों के सपनों को भी रौंदकर,
आगे बढ़ रहा है।
खुद से दुनिया को बदलने की हिम्मत रखिए।
जो ख़ुद ही बदल जाए, वो वजूद ही क्या है!
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