मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
मंगलवार, 23 मई 2023
जिन्हे चराग सा जलने का हुनर नहीं आता।वो खुद को चराग ए महफ़िल समझते हैं।बातों में नस्तर सी चुभन रखने वाले,ख़ुद को दुनिया का हमदर्द समझते हैं।
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