मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
रविवार, 28 मई 2023
लफ्ज़ निकलते असर ही करता है।कभी दवा,कभी खुद को ये ज़हर करता है।बोलने वाले समझते, नहीं तासीर इसकी।कब, कहां,किस पर,ये कैसे असर करता है।
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