मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
बुधवार, 31 मई 2023
सुलगना और जलना ही, जिनका मिजाज़ होगा।अंजाम ए ज़िंदगी उनका, धुआं या फिर ख़ाक होगा!
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