JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

शनिवार, 27 मई 2023

कोई उम्मीद किसी से, कभी न की हमने।कोई अहसान किसी का नहीं लिया हमने।क्या करें अपने लिए कुछ करके।खुशी जो ढूंढ ली,औरों के लबों पे हमने।जो मिला,साथ कुछ न जाएगा।हर खुशी बाँट दी, यहीं हमने।

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