अब तो दरसन दे दो मुझको हे त्रिपुरारि दीनानाथ .
तेरे दरस की प्यासी ऑंखें .....................
ॐ नमः शिवाय -२
न मैं चाहूँ हीरे मोती , और न चाहूँ ऊँची शान
हमको दे दो हे शिव शंकर , अपने चरणों में स्थान -२
सारी दुनिया के रखवाले ,तुम हो सरे जग के नाथ
तेरे दरस की प्यासी आँखें ..................
ॐ नमः शिवाय -२
जो करते हैं तेरा पूजन ,वो नर हर सुख पाते हैं -२
जो जपते हैं जय शिव हर क्षण , भाव सागर तर जाते हैं -२
तन- मन-धन सब वारा तुम पर मान लिया तुम्हे जीवन नाथ .
तेरे दरस की प्यासी ऑंखें हे शिव शम्भू भोलेनाथ
अब तो दरसन दे दो मुझको हे त्रिपुरारि दीनानाथ
तेरे दरस की प्यासी ऑंखें ......................
गीत : सुरेन्द्र कुमार
गीत : सुरेन्द्र कुमार

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