मेहनत के पथ पे चलकर सबकुछ तुझे मिलेगा।
उजड़ा हुआ ये गुलशन इक बार फिर खिलेगा।
मेहनत के पथ पे चलकर सबकुछ तुझे मिलेगा।
किसी और के सहारे, खुद को न छोड़ हम दम।
कहते हैं जिसको दुनिया, नहीं बांटती कभी ग़म।
मत सोच मुश्किलों में कोई तुझको थाम लेगा।
मेहनत के पथ पे चलकर .....
मंजिल हैं दूर लेकिन, है रास्ता कठिन भी।
किसी और के सहारे, खुद को न छोड़ हम दम।
कहते हैं जिसको दुनिया, नहीं बांटती कभी ग़म।
मत सोच मुश्किलों में कोई तुझको थाम लेगा।
मेहनत के पथ पे चलकर .....
मंजिल हैं दूर लेकिन, है रास्ता कठिन भी।
कांटों पे हंसके चलना, है वक्त का चलन भी।
विश्वास रख खुदा पे, मेहनत का फल मिलेगा।
मेहनत के पथ पे चलकर, सबकुछ तुझे मिलेगा।
मेहनत के पथ पे चलकर, सबकुछ तुझे मिलेगा।
उजड़ा हुआ ये गुलशन, इक बार फिर खिलेगा।
.........रचनाकार : Surendra Kumar......
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