देखी हर किसी ने रौशनी चराग की,
उसका जलना किसी ने नहीं देखा।
गिर रहा था तो दुनिया की थी नज़र,
मेरा संभलना किसी ने नहीं देखा।
मेरे हंसने पर हंसती रही दुनिया।
मेरा सिसकना किसी ने नहीं देखा।
समंदर आंखों का, देखती रह गई ये दुनिया।
उनका बहना किसी ने नहीं देखा।
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