JAGJIT SINGH

  • GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR

बुधवार, 15 नवंबर 2023

खामोशियों को पढ़ने का हुनर,

सबको नहीं आता।

रूठने वाले को मनाने का हुनर,

सबको नहीं आता।

पल भर के लिए आंखों में तो,

कोई भी बस जाता है।

दिल में बस जाने का हुनर,

सबको नहीं आता।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें