मेरे गीत, मेरी ग़ज़लें
JAGJIT SINGH
GHAZALS, JAVED AKHTAR , GULZAR
गुरुवार, 15 जून 2023
जिनको बढ़ना है वो, कांटों में भी चल जाते हैं।इरादे मजबूत हों तो, हालात बदल जाते हैं।यूं तो कहने को यहां,रिश्ते हजारों हैं मगर।वक्त पड़ने पे लोग,बच के निकल जाते हैं।
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